SAMEER SANA
  Actor and writer  

 मोहम्मद रईस आलम । एक अएसा नाम जिसे शायद ही कोई जानता  है । बिहार के एक छोटे से गांव  मनोहर छपरा में जन्मे इस लड़के ने अपनी जिन्दगी में इतने कठिन समय का सामना किया जो शायद ही कोई आज कल के ज़माने में करता । एक आम आदमी को अपने किसी भी सपने को साकार करना लगभग नामुमकिन होता है । लेकिन कड़ी मेहनत और इरादे बुलन्द हो तो नामुमकिन चिस भी मुमकिन में बदल जाती है । छोटी सी उम्र में ही पिता का साया सर से उठ गया अएसे मेंं हालात और भी खराब हो गई लेकिन इन की माँ ने छोटे मोटे काम करके अपने बच्चो की परवरिश की । लेकिन ये गरीबी इतनी आसानी से किसी का पीछा नही छोड़ती है  । मोहम्मद रईस आलम इतने गरीब परिवार से थे के उन का घर ही बहुत मुश्किल से चलता था । तभी उन के जिवन में एक नया मोड़ आया उन के ही गांव के एक बड़े आदमी को एक लड़के की जरूरत थी जो उनके घर के कामो मेंं हाथ बटा सके । और फिर उस आदमी ने इस लड़के को अपने साथ ले गए । इस लड़के ने भी अपनी गरीबी की हालत को देखकर हर मुश्किल का सामना किया । पर इस के सपने इसे इस जगह पर देख बार बार इसे धिक्कार रहा था । इसी तरह कइ साल बित गए और ये जवान हो गए । इसी बिच इनको वहा की एक लड़की से दोस्ती हो गई और इतनी गहरी दोस्ती के एक दूजे के लिए मर मिटाने को भी  तैयार थे और इस बिच इन्होंने अपने सपने को पूरी तरह से भूल ही गए थे लेकिन जैसे जैसे उम्र बीतता गया दोस्ती भी बढ़ती गई । लेकिन एक लड़का और एक लड़की की दोस्ती तब तक रहती है जब तक वो नादान होते है । लेकिन जवान होने के बाद यही दोस्ती प्यार में बदल जाती है जो इनके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ । पर इन की मोहब्बत की खबर  किसी को भी नही थी सिवा इनके खास दोस्त मनसूर के । जब लड़के ने अपनी पिछली जिन्दगी को याद किया तो उसे डर सा लगने लगा अपनी मोहब्बत को खोने का । तभी एक रोज़ उस की दोस्त टीवी चैनल पर इन्डियन ऑयडल का शो देख रही थी तभी इस लड़के ने देखा के वो लड़की काफी खुश नजर आ रही है  । फिर वह लड़का उस के पास गया तो लड़की उसे देख के उससे बोली काश इस जगह पर तुम होते । इस लड़की का इतना कहते ही इसे इस के सपने फिर से याद आ गये लेकिन अब सिर्फ ये सपना इस का नही बल्कि इस की दोस्त का भी था । फिर क्या किसी तरहा एक दूजे को मना कर मोहम्मद रईस आलम निकल पड़े वहा से अपने सपने को पूरा करने के लिए । वक्त बीतता गया कभी कामयाबी तो कभी न कामयाबी कभी दूख कभी सूख काफी मेहनत के बाद अपने आप को मोहम्मद रईस आलम से समीर सना तो बना दिया । लेकिन अफसोस इस बात का है के जिसे पाने के लिए ये सब कि किस्मत ने इसे उससे ही दूर कर दिया । क्योंकि जमीन और आसमान कभी एक नही हो सकते
एक धनवान अपने घर के कर्मचारी के साथ  अपनी पुत्री का विवाह कभी भी नही करेगा क्योंकि उससे  उस क अहंकार का अपमान हो जाएगा । पर शायद किसी भी पिता ने कभी ये नही सोचा की बेटी किसी से भी उस का धन दौलत को देखकर उससे प्यार नही करती है । उस का दिल देख कर प्यार करती है । शायद इस बात को इस जमाने में कोई नही समझ पाएगा । मोहम्मद रईस आलम से समीर सना तो बन गये पर अफसोस जिन्दगी जितनी प्यारी उस वक्त थी आज जिन्दगी उतनी ही उदास है । मेरी जिंदगी उस का था उस का है और उस का ही रहेगा ।।

तो ये थी मोहम्मद रईस आलम समीर सना की पूरी  कहानी

Name . Sameer Sana 
Nike Name.  Md Raies Alam  
Father. Late. Mr. Md.Jaleel 
Mother . NoorJaha 
Sister . Zara Praveen
Brothers . Mr. Md. Jamil, Mr. Md. Wasim, Mr. Rafik Khan ( mintu)
Wait .   68 kg         
Hight .  5.4 inch 
Body Color . Half Whit 
Face Color . White 
Eye Color . Dark Brown 
Hair Color . Dark Brown 
Date of birth . 14/11/1990
Birthday Palace . Manohar chhapra 


Sameer Sana Favorite

Favorite Food . I like non veg
Favorite Restaurant . KFC Restaurant
Favorite Car . Gypsy
Favorite Bike . Kawasaki Ninja
Favorite Tour County  . Switzerland
Favorite Dress Color. White and black
Favorite Actor . Sanjay Dutt
Favorite Actress. Rukhsar Rahman 
Favorite Singer. Fatah Ali , Kumar Sanu, MD. Rafi 
Favorite Sport . WWE , and Cricket 
Favorite Movie . Dilwale Dulhaniya Le Jayenge 
Favorite Song.  Pryar kiya to darna( mugle azam)
Hobby . Dancing Singing 
Best Friends.  Mansoor Hussein 

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